शहीदों के घर की मिट्टी से पुलवामा में बनेगा स्मारक

पुलवामा आतंकवादी के शहीदों की याद में वहां पर स्मारक बनाया जाएगा। इस स्मारक में वहां के शहीदों के घरों से ली गई मिट्टी को प्रयोग में लाया जाएगा।  पुलवामा में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवान मोहनलाल रतूड़ी के घर के आंगन की मिट्टी बुधवार को सीआरपीएफ ने उनके उत्तरकाशी स्थित मूल निवास और कांवली रोड स्थित स्थानीय निवास से कलश में इकट्ठा करवाई। इस मिट्टी को भी पुलवामा भिजवाया जा रहा है। वहां 14 फरवरी से शहीद जवानों की याद में शहीद स्मारक का निर्माण किया जाएगा। सीआरपीएफ के देहरादून में तैनात डीआईजी दिनेश उनियाल ने बताया कि बुधवार को उत्तरकाशी जिले से शहीद रतूड़ी के घर के साथ ही देहरादून के घर से भी मिट्टी कलश में इकट्ठा करवाई गई है। उन्होंने बताया कि 14 फरवरी तक इसको पुलवामा पहुंचा दिया जाएगा। डीआईजी के मुताबिक पुलवामा में बीते साल शहीद हुए सभी 40 सीआरपीएफ जवानों के घर की मिट्टी इकट्ठी करवाई गई है। उससे वहां पर शहीद स्मारक बनाया जाएगा। यह काम जवानों की शहादत की बरसी यानी 14 फरवरी 2020 को होगा। उन्होंने बताया कि शहीद मोहनलाल रतूड़ी के परिवार से लगातार सीआरपीएफ संपर्क में है। उनके बड़े बेटे को राज्य सरकार ने शहादत के एक साल के भीतर सरकारी नौकरी लगवा दी है। छोटे बेटे के लिए भी कई आरक्षण केंद्र की नौकरी में रखे गए हैं। उनकी उम्र सीमा पूरी होती इसके लिए उन्हें तैयारी भी कराई जाएगी।


बड़ा बेटा कर रहा सरकारी नौकरी
मोहन लाल रतूड़ी की सबसे बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। बड़ा बेटा शंकर उत्तरकाशी जिला कार्यालय में क्लर्क के पद पर सरकारी नौकरी कर रहा है। उससे छोटी बेटी वैष्णवी डीएवी पीजी कॉलेज से बीएड की पढ़ाई कर रही है। सबसे छोटी बेटी गंगा, जिसने पिता की शहादत के बाद 12वीं की परीक्षा पास की थी, अब कोटा में मेडिकल परीक्षा की तैयारी कर रही है। उसे एक इंस्टीट्यूट निशुल्क कोचिंग दे रहा है। वहीं सबसे छोटा बेटा श्रीराम केवि आईटीबीपी में 10वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा है।